Thursday, 30 March 2017

टीजीटी और सीएंडवी के 3900 पदों समेत करीब 5000 पद भरे जाएंगे

हिमाचल सरकार ने तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती के लिए इंटरव्यू खत्म कर दिए हैं। प्रदेश में अब सरकारी नौकरियों में इन दोनों श्रेणियों की भर्ती के लिए अभ्यर्थियों की केवल लिखित परीक्षा ली जाएगी।
वीरवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में हजारों पैट और पैरा शिक्षकों को रेगुलर स्केल देने का भी निर्णय लिया गया है।
टीजीटी और सीएंडवी के 3900 पदों समेत करीब 5000 पद भरे जाएंगे। बाबा रामदेव की साधुपुल स्थित जमीन की लीज को बहाल करने को भी मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है। यह फैसला बाबा रामदेव की ओर से हाईकोर्ट में दायर केस वापस लेने के बाद लिया गया है। वीरवार को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अध्यक्षता में देर रात तक चली हिमाचल मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण फै सले हुए।
ये भी फैसला लिया गया कि प्रदेश में शराब के जितने भी ठेके नीलाम नहीं हुए हैं, वे सभी बीवरेज कॉरपोरेशन के पास चले जाएंगे। एचपीएफएस काडर को भी रिव्यू करने को स्वीकृति दी गई। 160 के काडर में वन निगम के लिए अधिकारियों की संख्या को कम किया जाएगा। वन विभाग में अधिक अधिकारी होंगे।
आबकारी विभाग में ईटीओ के 13, ईटीआई के 13, डीटीसी और एटीसी स्तर पर भी कुछ पदों को भरने को मंजूरी दे दी है। कांगड़ा स्थित पुराने चामुंडा माता मंदिर के जीर्णोद्धार को भी मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है। एडीबी के सहयोग से इस मंदिर का छह करोड़ रुपये से जीर्णोद्धार होगा। कैबिनेट ने कई विधेयकों के प्रारूपों को भी मंजूरी दी।